Tuesday, November 20, 2018

अपने भक्त की रक्षा के लिए भगवान शिव को करना पड़ा हनुमान से युद्ध

नुमानजी भगवान शिव के अवतार हैं, ये बात तो हम सभी जानते हैं, लेकिन हनुमानजी और भगवान शिव का युद्ध भी हुआ था, ये बात बहुत कम लोग जानते हैं। इससे संबंधित कथा का वर्णन पद्म पुराण के पातालखंड में मिलता है। आज हम आपको इस बारे में बता रहे हैं।

ये है प्रसंग
यज्ञ का घोड़ा बना युद्ध का कारण
जब श्रीराम ने अश्वमेध यज्ञ किया तो यज्ञ का घोड़ा घूमते-घूमते देवपुर नाम के नगर में जा पहुंचा। उस नगर के राजा का नाम वीरमणि था। वीरमणि भगवान शिव का परम भक्त था इसलिए देवपुर की रक्षा स्वयं भगवान शिव करते थे। वीरमणि के पुत्र रुक्मांगद ने जब यज्ञ का घोड़ा देखा उसे बंदी बना लिया। यह बात जब घोड़े की रक्षा कर रहे शत्रुघ्न को पता चली तो उन्होंने देवपुर पर आक्रमण करने का निश्चय किया।

शत्रुघ्न ने भी किया था शिवजी से युद्ध
शत्रुघ्न और राजा वीरमणि की सेना में भयंकर युद्ध छिड़ गया। हनुमानजी भी वीरमणि की सेना का संहार करने लगे। श्रीराम के भाई भरत के पुत्र पुष्कल ने जब राजा वीरमणि को घायल कर दिया तो उनकी सेना अपनी जान बचाकर भागने लगी। जब भगवान ने अपने भक्त का यह हाल देखा तो वे भी उनके पक्ष में युद्ध करने लगे। भगवान शिव को युद्ध करते देख शत्रुघ्न भी वहां आ गए। दोनों में भयंकर युद्ध होने लगा।

भगवान शिव से नहीं जीत पाए शत्रुघ्न
भगवान शिव ने वीरभद्र को पुष्कल से नंदी को हनुमाजनी से युद्ध करने के लिए भेजा। वीरभद्र और पुष्कल का युद्ध पांच दिन तक चलता रहा। अंत में वीरभद्र ने पुष्कल का वध कर दिया। ये देखकर शत्रुघ्न को बहुत दुख हुआ। शत्रुघ्न और क्रोधित होकर शिव से युद्ध करने लगे। उनका युद्ध 11 दिनों तक चलता रहा। अंत में भगवान शिव के प्रहार से शत्रुघ्न बेहोश हो गए। यह देख हनुमानजी स्वयं शिव से युद्ध करने लगे।

भगवान शिव ने दिया था हनुमानजी को ये वरदान
हनुमानजी ने शिवजी से पूछा कि आप तो राम भक्त हैं तो फिर हमसे युद्ध क्यों कर रहे हैं। शिवजी ने कहा कि- मैंने राजा वीरमणि को उसके राज्य की रक्षा करने का वचन दिया है इसलिए मैं युद्ध करने के लिए बाध्य हूं। इसके बाद हनुमानजी और शिवजी के बीच भयंकर युद्ध होने लगा।हनुमानजी के पराक्रम से प्रसन्न होकर शिवजी ने उनसे वरदान मांगने को कहा। तब हनुमानजी ने कहा कि- इस युद्ध में भरत के पुत्र पुष्कल मारे गए हैं और शत्रुघ्न भी बेहोश हैं। मैं द्रोणगिरी पर्वत पर संजीवनी औषधि लेने जा रहा हूं, तब तक आप इनके शरीर की रक्षा कीजिए। शिवजी ने उन्हें ये वरदान दे दिया।

श्रीराम के आते ही समाप्त हो गया युद्ध
इधर हनुमानजी तुरंत द्रोणगिरी पर्वत आए और संजीवनी औषधि लेकर पुन: युद्ध भूमि में आ गए। उस औषधि से हनुमानजी ने पुष्कल को पुन:जीवित कर दिया और शत्रुघ्न को भी स्वस्थ कर दिया। शत्रुघ्न और शिवजी में फिर से युद्ध होने लगा। जब शत्रुघ्न किसी भी तरह से शिवजी से नहीं जीत पाए तो हनुमानजी ने उनसे श्रीराम को याद करने के लिए कहा। शत्रुघ्न ने ऐसा ही किया। श्रीराम तुरंत युद्ध भूमि में प्रकट हो गए। श्रीराम को आया देख भगवान शिव भी उनकी शरण में चले गए और वीरमणि आदि योद्धाओं से भी ऐसा ही करने को कहा। वीरमणि ने यज्ञ को घोड़ा भी श्रीराम को लौटा दिया और अपना राज्य भी उन्हीं को सौंप दिया। इस तरह वह युद्ध समाप्त हुआ।

इंस्टाग्राम के डेटा डाउनलोड टूल में आया बग, इससे कई यूजर्स के पासवर्ड लीक हुए

गैजेट डेस्क. अक्सर फेसबुक यूजर्स के पासवर्ड और डेटा लीक होने की खबरें आती थीं, लेकिन अब इंस्टाग्राम यूजर्स के भी डेटा लीक होने की खबरें आई हैं। 'द वर्ज' की रिपोर्ट के मुताबिक, इंस्टाग्राम के 'डेटा डाउनलोड टूल' में एक बग की वजह से कई यूजर्स के पासवर्ड पब्लिकली एक्सपोज हो गए। इस पर कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया है कि इस बग का पता लगाया गया है, लेकिन ये अभी शुरुआती दौर में है। कंपनी का ये भी कहना है कि इससे बहुत कम यूजर्स प्रभावित हुए हैं।

डेटा सेव रखने से आई :

इंस्टाग्राम ने इसी साल अप्रैल में यूजर की सहूलियत के लिए डेटा डाउनलोड टूल जारी किया था, जिसकी मदद से यूजर्स अपना डेटा डाउनलोड कर सकते हैं लेकिन अब इसी टूल में बग आ गया है।
इंस्टाग्राम के प्रवक्ता का कहना है कि जिन यूजर्स ने अपनी लॉग इन डिटेल्स को 'Download Your Data' टूल में सेव किया है तो उनके पासवर्ड से जुड़ी जानकारी को पेज के यूआरएल में देखा जा सकता है।
प्रवक्ता ने ये भी बताया कि इंस्टाग्राम के सभी पासवर्ड फेसबुक के सर्वर में स्टोर रहते हैं, इसलिए इससे फेसबुक की सिक्योरिटी पर भी असर हो सकता है।

पासवर्ड बदलने की दी सलाह : इंस्टाग्राम का कहना है कि फिलहाल इस बग को फिक्स कर दिया गया है और यूजर के पासवर्ड को एक्सपोज होने से रोक दिया गया है, लेकिन फिर भी सुरक्षा के लिए यूजर्स को अपना पासवर्ड बदल लेना चाहिए।

हॉलीवुड एक्टर रिचर्ड गेरे जल्द ही पिता बनने जा रहे हैं। इस खबर की पुष्टि उनकी तीसरी पत्नी एलजैंड्रा ने इंस्टाग्राम पर की। एलजैंड्रा ने बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा के साथ का एक फोटो शेयर किया है, जिसमें वे उनके बच्चे को ब्लेसिंग देते नजर आ रहे हैं। इस फोटो में रिचर्ड भी उनके साथ हैं। 

गुड न्यूज मिलते ही पहुंचे गुरु के पास : अप्रैल 2018 में रिचर्ड ने 35 साल की एलजैंड्रा से शादी की। इसके पहले दोनों चार साल तक रिलेशन में रहे। महज 5 महीने बाद ही उन्हें एलजैंड्रा की प्रेग्नेंसी की खबर मिली। दोनों दंपति दलाई लामा से ब्लेसिंग्स लेने पहुंचे। एलजैंड्रा ने यह फोटो नीदरलैंड से पोस्ट की है।

मेथोडिस्ट चर्च से जुड़े गेरे का बौद्ध धर्म में झुकाव 1978 में तब हुआ, जब वह नेपाल पहुंचे थे। जहां वे तिब्बती बौद्ध संप्रदाय गेलुगपा से जुड़े। दलाई लामा इसी बौद्ध संप्रदाय के आध्यात्मिक गुरु हैं। रिचर्ड अक्सर भारत, तिब्बत, नेपाल आते रहते हैं। जनवरी 2018 में भी वे चौथी बार बोधगया बिहार आए थे।

शिल्पा शेट्‌टी को किया था सरेआम किस : अप्रैल 2007 में जयपुर में एक इवेंट के दौरान रिचर्ड शिल्पा शेट्‌टी के साथ स्टेज पर पहुंचे थे। लेकिन उन्होंने शिल्पा को जबरन किस कर लिया था। बाद में दोनों पर अश्लीलता फैलाने का मामला भी दर्ज किया गया था, जिसे कोर्ट ने सस्ती लोकप्रियता मानकर खारिज कर दिया था।

Friday, November 16, 2018

सबरीमाला के लिए रवाना हुईं तृप्ति देसाई को एयरपोर्ट पर ही रोका गया

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तीसरी बार खुलने जा रहे सबरीमाला मंदिर में प्रवेश करने की बात कहने वाली तृप्ति देसाई और उनकी 6 सहयोगियों को कोच्चि एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा. वहीं, केरल सरकार कोर्ट के फैसले पर आम सहमति बनाने की कोशिश कर रही है, लेकिन विपक्ष राजी नहीं है.

केरल पुलिस सुरक्षा कारणों से तृप्ति और उनकी सहयोगियों को एयरपोर्ट से बाहर जाने नहीं दे रही. वह जब से एयरपोर्ट पहुंची हैं वहां पर उनका भारी विरोध हो रहा है. भारी संख्या में पुरुष और महिला एयरपोर्ट अराइवल लॉन्ज में तृप्ति देसाई के खिलाफ नारे लगा रहे हैं.

एयरपोर्ट पर ही नाश्ता

सुरक्षा कारणों से पुलिस की ओर से उन्हें बाहर नहीं दिए जाने के कारण तृप्ति ने अपने साथियों के साथ एयरपोर्ट पर ही नाश्ता किया. कार्यकर्ता राहुल ईश्वर ने तृप्ति देसाई को सबरीमाला जाने की इजाजत दिए जाने की स्थिति में मंदिर के पास निलक्कल में विरोध-प्रदर्शन की धमकी दी है. निलक्कल और पंबा में धारा 144 लगा दी गई है.

दूसरी ओर, पाम्बा में देवासम बोर्ड की अहम बैठक होने वाली है, जिसमें मंदिर में महिलाओं की एंट्री पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लागू करने के लिए और समय दिए जाने की याचिका दाखिल करने पर फैसला लिया जाना है.

साथ ही वहां के ऑटो चालकों ने भी उन्हें मंदिर तक ले जाने से मना कर दिया है. ऑटो चालकों ने तृप्ति को कोट्टायम या फिर निलक्कल तक ले जाने से इंकार कर दिया है.

गर्भगृह आज शाम पांच बजे खुलेगा. सुप्रीम कोर्ट के 28 सितंबर के आदेश के बाद सबरीमाला मंदिर तीसरी बार शुक्रवार शाम को खुलने जा रहा है. शीर्ष अदालत के फैसले के बावजूद कोई भी महिला श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं के विरोध के चलते मंदिर में अब तक नहीं जा पाई है.

साथी यात्रियों का अनुरोध

कोच्चि एयरपोर्ट पर कई साथी यात्रियों ने 2 पत्र लिखकर तृप्ति से अनुरोध किया है कि वह परंपराओं का पालन करें. भगवान अयप्पा के लाखों भक्तों की भावनाओं को दुख न पहुंचाएं.

सोशल मीडिया पर लगातार धमकियों के बाद तृप्ति देसाई ने केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को पत्र लिखकर सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा के मंदिर में जाने के लिए सुरक्षा की मांग की थी.

तृप्ति देसाई ने इससे पहले कहा था कि सुप्रीम कोर्ट से इजाजत मिलने के बाद वह 16 से 20 नवंबर के बीच सबरीमाला मंदिर में जाने की कोशिश करेंगी. अब, भूमाता ब्रिगेड ने विजयन को खत लिखकर 17 नवंबर को दर्शन के दौरान सुरक्षा की मांग की है.

उन्होंने बताया था कि राज्य में प्रवेश करने से लेकर वापस आने तक उन्हें सुरक्षा चाहिए होगी. उन्हें केरल आने पर 'बुरे परिणाम भुगतने' की धमकियां मिल चुकी हैं. कई लोगों ने खुदकुशी की धमकी भी दी है.

उन्होंने कहा था कि कई महिलाओं ने उनसे पहले जाने की कोशिश की लेकिन पुलिस प्रोटेक्शन और समर्थन नहीं मिलने की वजह से वह नाकाम हो गईं. इसलिए मंदिर की सीढ़ियां बिना परेशानी के चढ़ने के लिए उन्होंने सरकार से सुरक्षा मांगी है.

अब तक महिलाओं की रही 'नो एंट्री'

पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 साल की उम्र की महिलाओं को जाने की इजाजत दी थी, लेकिन मंदिर खुलने के बाद श्रद्धालुओं के विरोध प्रदर्शन के चलते कोई महिला मंदिर में एंट्री नहीं ले सकी थीं.

तृप्ति देसाई ने कहा कि हमें पहले ही धमकियां मिल चुकी हैं. कुछ लोगों ने धमकियां दी हैं कि उन्होंने अगर केरल में प्रवेश किया तो गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे. कई लोगों ने धमकी दी है कि यह हम मंदिर की सीढ़ियां चढ़े तो वे आत्महत्या कर लेंगे.